लिखण✍️ नू बैठा सी मैं,
मेरी इक कहाणी
मैं ना लिख सकेया,
मेरी ओ इक कहाणी...
यादा ता आउंदिया गईया,
बड़ा तड़पाऊंदियां गईया
लिखण नू जी मेरा करदा,
मैं कुछ वी लिख ना सकेया
अंखा ने रोणा🥲 चाया,
मैं ओ वी कर ना पाया
बैठा सी लिखण✍️ नू मैं,
मेरी इक कहाणी
मैं ना लिख सकेया ,
मेरी ओ इक कहाणी...
अंखा चो रुलदे ने हंजु😭,
सुणेया सी मैं इह गल ता
मेरे सारे सुख गे ने हंजु🥲,
मैं ता विखा वी ना सकेया
तूरदी रही मेरी,
एह वी इक कहाणी
मैं ना लिख सकेया,
मेरी ओ इक कहाणी...
दिन 🌄वी ढलदे गए,
राता 🌃आउंदियां गईयां
मैं सोचदे-सोचदे,
कुछ वी ना लिख सकेया
सूरज☀️ तपदा रिहा,
तप-तप के ठंडा🌅 हो गया
मैं वी चेते कर उसनू,
कॉपी 📝ते सो🛌 गया
तड़के🌅 मैं फिर उठेया,
लिखण ✍️नू कहाणी
मैं ना लिख सकेया,
मेरी ओ इक कहाणी...
गुमनाम शायर ✍️

बहुत जबरदस्त है आपकी कहानी।
ReplyDelete🙏😊🙏
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